कोरोना वायरस महामारी की इस साल की शुरुआत में ही दस्तक हुई. जिसके बाद इसके रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते स्कूल पर ताले लग गए. ऑनलाइन क्लासेस की शुरुआत हुई, लेकिन यह ऑनलाइन क्लासेस हर किसी के लिए लेना संभव नहीं है. इस बीच तमिलनाडु के एक टीचर ने मिसाल पेश की है.

तमिलनाडु के कोंडापठन में सरकारी मिडिल स्कूल के हेडमास्टर थेनावन ने अपना अधिकतर समय बच्चों को उनके घर जाकर पढ़ाने में बिताया है. उनके प्रयासों पर माता-पिता की भी सकारात्मक प्रतिक्रिया है.

थेनावन 26 साल से पढ़ा रहे हैं. उन्हें अब तक 27 पुरूस्कार भी मिल चुके हैं. उनका कहना है कि न केवल लॉकडाउन के दौरान बल्कि छुट्टियों में भी मैं छात्रों और उनके माता पिता से मिलने जाता था. मैं अपने विद्यार्थियों के साथ नियमित रूप से बातचीत करता हूं. मेरे सह-शिक्षक और मैं सभी छात्रों को इकठ्ठा करते हैं.

आगे कहा कि उन्हें एक स्थान पर एक-दूसरे के बीच पर्याप्त सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाते हैं. मास्क पहनने के लिए कहते हैं. माता पिता बच्चों को क्लास में भेजते हैं.

थेनावन ने स्ट्रीट लाइब्रेरी की शुरुआत भी की है. उन्होंने बताया कि हमने लेटर्स और सेंटेंस को याद करने के लिए किताबें पढ़ने के लिए एक स्ट्रीट लाइब्रेरी की भी शुरुआत की है. इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को खेल का सामान बांटना भी शुरू किया है.

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