समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस ठंड के मौसम में किसान बैठे हुए हैं मगर इस सरकार अंधी-बहरी बनी हुई है. भाजपा की प्राथमिकता गरीब और किसान नहीं बल्कि कारपोरेट घरानों का हित साधना है.

अखिलेश यादव ने कहा कि हद तो यह है कि एक ओर वार्ता का ढोंग किया जा रहा है, दूसरी ओर किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की भी कुचेष्टा हो रही हैं. स्वयं प्रधानमंत्री जी उनके मंत्रीगण एवं भाजपा के छोटे बड़े सैकड़ों नेता कृषि सुधार अधिनियमों के पक्ष में स्वयं प्रचारक बनकर किसानों के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जेल भेजा है, किसानों की गिरफ्तारी की है क्योंकि समाजवादी पार्टी के अधिकतर कार्यकर्ता किसान ही हैं.

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में ही किसानों को सर्वाधिक लाभ मिले हैं. भाजपा सरकार भूले नहीं कि तानाशाही सरकारों को बेदखल करने का जनता और समाजवादियों का गौरवशाली इतिहास रहा है.

सपा मुखिया ने कहा कि किसान और उनके समर्थक सड़क पर हैं लेकिन मुख्यमंत्री जी और उनकी सरकार उड़ने का रिकार्ड बनाने में लगी हैं. अब हार थककर कार से चलने की घोषणा कर रहे हैं. वह कहां और क्यों जा रहे हैं, यह दिशाहीनता राज्य को भारी पड़ेगी.

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