किसान कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में सिन्धु बॉर्डर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव रखा जिसे किसानों ने ख़ारिज कर दिया. किसान अब दिल्ली-हरियाणा के सिंधु बॉर्डर से बुराड़ी के निरंकारी समागम मैदान नहीं जाएंगे. उनका प्रदर्शन सिन्धु बॉर्डर पर ही जारी रहेगा.

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसानों का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि वह किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं. किसान और सरकार की स्थिति भारत पाकिस्तान की तरह हो गयी है.

अन्ना ने कहा कि जिस तरह चुनाव के समय आप(नेता) किसानों के घर खेतों में वोट मांगने के लिए जाते हो उसी तरह अब उनकी समस्या पर बात करो. किसान आज अहिंसा के मार्ग पर चल कर आंदोलन कर रहे हैं. कल किसान जब हिंसा करने पर उतर जाएंगे तब उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. किसान पाकिस्तानी नहीं हैं. सरकार उनसे चर्चा करे.

आगे उन्होंने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि किसान इतने दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. जो किसान आंदोलन कर रहे है, वो पाकिस्तान के नहीं है. हमारे देश के हैं. चुनाव के सैम वोट मांगने उनके खेत और घर तक गए. अब किसानों के मसले को सुलझाइए.

किसानों को रोकने के लिए की गयी पानी के बौछार पर अन्ना हजारे ने कहा कि किसानों पर पानी के फुव्वारे से वार किया गया ये ठीक नहीं है. आज जो किसानों के साथ हो रहा है, वो हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच संघर्ष जैसा बन गया है. किसान देश का दुश्मन नहीं है. इसलिए इस आंदोलन को सुलझाना जरुरी है. सरकार किसानों के साथ बैठक कर मसले को सुलझाइए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here