कृषि कानूनों को लेकर किसानों के आंदोलन के बाद अब राजनीतिक दल भी खुलकर इस कानून के विरोध में उतर आए हैं. तमाम विपक्षी दल अलग-अलग तरह से इस कानून का विरोध कर रहे हैं, चौतरफा विरोध के बावजूद सरकार इन कानूनों को वापस लेने को तैयार नहीं है.

कृषि कानूनों के विरोध में आज दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन के पटल पर इन तीनों कानूनों की प्रतियों को फाड़ दिया, इसके बाद सभी सदस्यों ने जय जवान जय किसान के नारे लगाए. केजरीवाल ने कहा कि इतनी भीषण ठंड में इस देश का किसान सड़कों पर बैठा हुआ है और सरकार आराम की नींद सो रही है.

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये कानून किसानों के हित के लिए नहीं बल्कि उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं. इसके जरिए भाजपा चुनावी चंदा इकठ्ठा करने की कोशिश कर रही है. चुनावों में खर्च की जाने वाली भारी भरकम रकम भाजपा इसी तरह से जुटाती है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद भगत सिंह के पिता और चाचा ने इसी तरह अंग्रेज सरकार के तीन विवादित कानूनों का नौ माह तक विरोध किया था, इसके बाद अंग्रेजों को वो कानून वापस लेने पड़ गए थे मगर आजाद भारत में किसानों का आंदोलन करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

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