पुलिस की नौकरी से बर्खास्त होने के बाद संत बने भोले बाबा उर्फ विक्रमपाल उर्फ नारायण साकार हरि को भी एक बार एक लड़की से प्यार हुआ था. भोले बाबा काफी समय तक संभल में रहने वाली एक लड़की के प्यार में थे. वे काफी समय तक इस युवती के संपर्क में भी रहे थे. लेकिन जैसे ही लोगों को इस बात की भनक लगी तो बवाल हो गया. इस घटना के बाद भोले बाबा ने संभल जाना ही छोड़ दिया.

जबकि संभल जिले में ही चंदोसी तहसील के गांव सराय सिकंदरभोले में बाबा का करीब 10 बीघे में फैला भव्य आश्रम है. इस आश्रम में एसी फ्रीज और स्वीमिंग पूल से लेकर अन्य तरह की लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध हैं. एक महिला अनुयायी के पति ने भोले बाबा के संबंध में कई हैरतअंगेज खुलासे किए है.

संभल की लड़की से हुआ प्यारः

कहा कि उसकी पत्नी बाबा के सत्संग में जाती है, लेकिन वो खुद बाबा के सत्संग को अधविश्वास मानता है. कहा कि वो अपनी पत्नी को सत्संग में जाने से रोकने की कोशिश भी कर चुका है. लेकिन भोले बाबा की अंधभक्ति में डूबी उसकी पत्नी कुछ सुनना ही नहीं चाहती है. उसने बताया कि भोले बाबा का संभल में भी एक भव्य आश्रम है.

अंत में छोड़ना पड़ा आश्रम परिसरः

भोले बाबा के इस आश्रम को प्रवास कुटिया का नाम दिया गया. इस आश्रम की सारी संपत्ति उनकी पत्नी के नाम पर है. इस आश्रम में कुछ सेवादार भी रहते हैं. वो बाबा को चमत्कारी बताकर तरह-तरह की भ्रांतियां फैलाने का प्रयास करते हैं.

महिला अनुयायी के पति ने बताया कि एक बार बाबा विक्रम पाल को संभल की रहने वाली एक लड़की से प्यार हो गया था. उन दिनों इस आश्रम में बाबा खूब चक्कर लगाते थे. कभी-कभार वो एक महीने तक प्रवास करते थे. लेकिन जैसे ही ये जानकारी आम लोगों को हुई तो बाबा के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. अंत में बाबा को संभल ही छोड़कर जाना पड़ा.

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