Image credit- ANI

कृषि कानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों और सरकार के बीच आज हुई बातचीत भी बेनतीजा रही. किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार कानून को वापस लेने पर राजी नहीं है. सरकार की ओर से 9 दिसंबर को एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव रखा गया है.

आज दिल्ली के विज्ञान भवन में किसानों और सरकार के मंत्रियों के बीच कई घंटों की बातचीत हुई. किसान सरकार से हां या ना में जवाब मांग रहे हैं. बैठक से बाहर आने पर किसान नेताओं ने कहा कि हम हर हाल में कृषि कानून को वापस लेने की मांग पर कायम हैं.

बैठक के दौरान किसान नेताओं ने मौन धारण कर लिया और हां या ना की तख्ती लेकर बैठ गए. किसान नेताओं ने कहा कि हमारे पास एक साल के खाने पीने का सामान है. हम पिछले कई दिनों से सड़क पर हैं. अगर सरकार ये चाहती है कि हम सड़कों पर ही रहें तो हमें कोई समस्या नहीं है.

उन्होंने कहा कि हम अहिंसा का रास्ता अपनाएंगे. हम कॉरपोरेट फार्मिंग नहीं चाहते, इस कानून से सरकार को फायदा होगा किसानों को नहीं. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार एक मसौदा तैयार करेगी और हमें देगी. उन्होंने कहा कि वो राज्यों से भी सलाह करेंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here