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कृषि कानूनों के विरोध में उतरे किसानों का प्रदर्शन अब तेज होता जा रहा है. किसान किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और उनका कहना है कि सरकार को तीनों कृषि कानूनों का तुरंत वापस लेना चाहिए.

लाखों की संख्या में किसान दिल्ली से सटी सीमाओं पर डटे हुए हैं. किसानों की मांग है कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाए और इन कानूनों को वापस ले.

क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमने भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश सिंह टिकैत से बातचीत की है. इस संघर्ष में वो हमारे साथ हैं. दर्शन पाल ने 5 दिसंबर को देशभर में मोदी सरकार और कॉरपोरेट घरानों के खिलाफ प्रदर्शन करने का भी एलान किया है.

किसान नेता राधे लाल यादव ने कहा कि सरकार ने बिना किसानों से बातचीत किए इन कानूनों को संसद से पारित करवा दिया. इनका सबसे ज्यादा असर किसानों पर ही पड़ेगा. अगर हमारी चिंताओं और शंकाओं को दूर नहीं किया गया तो हमारा प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा.

बता दें कि आंदोलनरत किसानों और सरकार के बीच मंगलवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में बातचीत हुई मगर उसका कोई नतीजा नहीं निकला. अब तीन दिसंबर को एक बार फिर बातचीत होगी.

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