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सरकार से बातचीत के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को चिट्ठी लिखकर अपना एजेंडा सामने रखा है. किसानों से सरकार से बातचीत के लिए 29 दिसंबर का दिन तय किया था, लेकिन बाद में सरकार की ओर से कहा गया कि बातचीत 30 दिसंबर को की जाए. इससे पहले 6 दौर की बातचीत किसान और सरकार के बीच हो चुकी है.

संयुक्त किसान मोर्चा ने चिट्ठी में सरकार के सामने चार सूत्रीय एजेंडा रखा है. इसमें कहा गया है कि तीनों कृषि कानून रद्द किए जाएं. जरुरी है तो एजेंडे के मुताबिक बातचीत हो. एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी मिले. विद्युत् संशोधन विधेयक 2020 वापस लिया जाए. वायु गुणवत्ता अधिनियम 2020 में संशोधन किए जाएं

नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले 35 दिनों से दिल्ली की सीमा पर आंदोलन कर रहे हैं. सरकार और किसानों के बीच 6 दौर की बातचीत में कोई हल नहीं निकला था. बीच में कुछ वक्त के लिए बातचीत का सिलसिला रुका, लेकिन अब फिर से शुरू हो रहा है. बुधवार को दोपहर 2 बजे सरकार ने करीब 40 किसान संगठनों को विज्ञान भवन में बातचीत का न्योता दिया है. ये वही संगठन हैं, जिनसे अबतक चर्चा होती आई है.

हालांकि कृषि मंत्री हो या फिर खुद प्रधानमंत्री, हर किसी ने संकेत दिए हैं कि सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेगी. सरकार की ओर से संसोधन सुझाने की बात कही जा रही है.

 

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