भारतीय क्रिकेट टीम के आलराउंडर हार्दिक पंड्या को आने वाले समय में नियमित टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर देखा जा रहा है. बल्ले और गेंदबाज़ी से शानदार प्रदर्शन करने वाले हार्दिक पंड्या ने कप्तानी में भी अपनी चपलता दिखाई है. आइपीएल में हार्दिक ने मुंबई इंडियंस के लिए खेलना शुरू किया था, जहां से उन्हें पहचान मिली आज वह एक सफल क्रिकेटर हैं.

शोहरत पाने वाले हार्दिक पंड्या कभी बेहद गरीबी में जिए हैं. अपने संघर्ष के दिनों में हार्दिक के लिए पेट भरना भी मुश्किल था. एक इंटरव्यू के दौरान हार्दिक ने बताया था कि घर में पैसों की कमी के चलते वे दोनों टाइम मैगी ही खाते थे. क्रिकेट किट दूसरों से माँग कर इस्तेमाल किया करते थे. शुरुआती दिनों में वे 400-500 रुपए कमाने के लिए पास के गांव में क्रिकेट खेलने जाते थे.

साल 2010 में हार्दिक के पिता को एक रात में दो बार हार्ट अटैक आया, जिसके बाद ख़राब होती सेहत के चलते उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी. इसके बाद घर के हालात और भी ख़राब हो गए.

लेकिन फिर धीरे-धीरे समय ने करवट ली और क्रिकेट जगत में हार्दिक और उनके भाई क्रुनाल पंड्या नाम होना शुरू हो गया. आइपीएल ने इन दोनों भाइयों की क़िस्मत बदल दी.

हार्दिक बताते हैं कि मुझे याद है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख़िलाफ़ मेरी पहली पारी थी. मैं अजीब तरह की स्थिति में बल्लेबाज़ी करने के लिए आया था. दो ओवर बचे थे. उस मैच में डेविड विसे ने एक ओवर में तीन विकेट चटकाए. मैं जल्दी में भज्जी पा के पास गया जिन्होंने बस एक बात कही थी कि अपनी ज़िन्दगी जी ले. मैंने दो छक्के लगा दिए थे.

हार्दिक अब अपनी लैविश लाइफ़ को लेकर सुर्ख़ियों में रहते हैं. हार्दिक को लग्ज़री गाड़ियों के अलावा महंगी घड़ियों का शौक़ है. कारों एवं घड़ियों की हर जगह चर्चा होती रहती है. हार्दिक के पास पेटेक फ़िलिप नोटिलस वॉच है, जिसकी क़ीमत 1.65 करोड़ रुपए है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here