आईसीसी टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को सात रन से हराकर टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम ने 11 साल बाद कोई आईसीसी ट्रॉफी जीती थी, ऐसे में टीम इंडिया के फैंस के लिए यह लम्हा काफी अहम रहा.

वहीं इस मैच में हार्दिक पांड्या, जो मैच का आखिरी ओवर फेंकने आए थे, उनकी गेंद पर हार्दिक पांड्या ने बाउंड्री लाइन पर जो शानदार कैच लपका, उसकी तारफी हर तरफ हो रही है. यह डेविड मिलर का कैच था और भारतीय टीम की जीत में काफी अहम साबित हुआ क्योंकि अगर डेविड मिलर इस समय आउट ना होते तो मुकाबला भारतीय टीम के हाथों से फिसल सकता था,

क्योंकि अफ्रीकी टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए सिर्फ 16 रन बनाने थे. सूर्यकुमार यादव के इस कैच की हर किसी ने तारीफ की. वहीं जब भारतीय टीम गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली तो वह भी सूर्यकुमार यादव के इस कैच की तारीफ करने के खुद को रोक नहीं पाए.

भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाने वाले स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने सूर्यकुमार यादव के हैरतअंगेज कैच पर मजाकिया बयान दिया है. दरअसल, फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 16 रन की दरकार थी. विपक्षी टीम की तरफ से जबतक मैदान में डेविड मिलर काबिज थे. तबतक टीम इंडिया की जीत आसान नजर नहीं आ रही थी,

लेकिन आखिरी ओवर के पहली ही गेंद पर उन्होंने बड़ा शॉट लगाने का प्रयास किया. नतीजा यह रहा कि गेंद करीब-करीब सीमा रेखा को पार करती हुई नजर आ रही थी, लेकिन यहां तैनात सूर्यकुमार यादव ने जबर्दस्त छलांग लगाते हुए कैच पकड़कर सबको हैरान कर दिया. सूर्या का यही कैच टीम इंडिया की जीत के लिए वरदान साबित हुआ.

अब जब टीम इंडिया ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा चुकी है तो रोहित शर्मा ने उनके बेहतरीन कैच पर बड़ा बयान दिया है. महाराष्ट्र के चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे के साथ हुए खास मुलाकात के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में बात करते हुए कहा, ”सूर्या ने गेंद पकड़ने के बाद मुझसे कहा कि गेंद उनके हाथ में आ गई है. शुक्र है कि ऐसा हुआ. नहीं तो मैं उन्हें बाहर बैठा देता.’ इसके बाद वहां उपस्थित हर कोई हंसने पर मजबूर हो गया.

 

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 पीएम मोदी ने सूर्या से इस कैच को लेकर पूछा, इसके जवाब में सूर्यकुमार यादव ने कहा,”खो गया सर, सर वो मोमेंट पर बस यही था कि कैसे भी करके बॉल, मतलब पहले ये नहीं सोचा था कि कैच पकड़ लूंगा या नहीं पकडूंगा, ये था कि बॉल धकेल दूंगा अंदर, एक रन हो दो रन हो ज्यादा से ज्यादा, क्योंकि हवा भी वैसे चल रही थी,

और एक बार जब आ गया हाथ में तो फिर यही था कि उठा के फिर दूसरे साइड दे दो, फिर देखा रोहित भाई बहुत दूर थे, उस टाइम पे, और उड़ाया और आ गया हाथ में, लेकिन यह चीज हमने बहुत प्रैक्टिस करी हुई है पहले से एक चीज के बारे में मैंने सोचा था कि बैटिंग तो मैं करता ही हूं खाली लेकिन वो खत्म होने के बाद और किस चीज में मैं कंट्रीब्यूट कर सकता हूं

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