खगोलीय घटनाओं में खासी दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए यह साल अद्भुत नज़ारे का तोहफा देने जा रहा है. नासा के मुताबिक करीब 400 साल बाद एक खास संयोग बना है. 1963 के बाद यानि करीब 400 साल बाद आज 21 दिसंबर रात को आसमान में दो ग्रहों वृहस्पति और शनि का संयोजन दिखेगा.

भारतीय ज्योतिष में इस अद्भुत घटना को गुरु और शनि का महा मिलन कहा गया है. जबकि नासा ने इसे क्रिसमस स्टार नाम दिया है. नासा के मुताबिक गुरु और शनि का यह महा मिलन अगले एक-दो सप्ताह तक आसमान में दृश्य रहेगा.

लेकिन भारतीय समयानुसार लोग अपनी आंख से ही 21 दिसंबर की रात को सूरज ढलते ही पश्चिम दिशा में देख सकेंगे. इस महामिलन के दौरान दोनों ग्रह एक-दूसरे को पार करते दिखेंगे. हालांकि कई इलाकों में धुंध व बादल होने से यह नजारा देखने में दिक्कत आ सकती है. लेकिन यह आप लाइव जरुर देख पाएंगे.

वृहस्पति सूअर मंडल का सबसे बड़ा गृह है, जबकि शनि नीली रंग की वाले वाला गृह है. सोमवार की शाम को दोनों गृह एक दूसरे से मिलते दिखाई देंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक सूर्य की परिक्रमा करते हुए दोनों ग्रह 20 साल में एक दूसरे के अक्रीब आते हैं, लेकिन करीब 400 साल बाद ऐसा होगा जब दोनों ग्रह एक-दूसरे के बेहद समीप दिखाई देंगे.

वैज्ञानिकों के अनुसार गुरु और शनि के ग्रेंट कंजक्शन की इस घंटा के समय वृहस्पति की पृथ्वी से दूरी करीब 5.924 एस्ट्रेनोमिकल यूनिट होगी, जबकि शनि की दूरी 10.825 एस्ट्रेनोमिकल यूनिट होगी.

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