image credit-social media

उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ बिकरु कांड अभी भी लोगों के जेहन में है. इस घटना के मास्टरमाउंड विकास दुबे को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं, अब इसी क्रम में विकास दुबे द्वारा जुटाई गई 150 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय से जांच की सिफारिश की है.

अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी में स्पष्ट किया गया है कि गैंगस्टर विकास दुबे द्वारा अवैध तरीके से हासिल की गई 150 करोड़ रुपये की संपत्ति की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गहराई से जांच की जाए.

इसके अलावा एसआईटी ने शुरुआत में ही कहा था कि विकास दुबे और उसके सहयोगियों की मदद करने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए. जांच रिपोर्ट में ये खुलासे किए गए हैं कि विकास दुबे का मुखबिरी के चलते पहले ही पुलिस के दबिश के बारे में जानकारी प्राप्त हो गई थी.

जिसके बाद विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ इस घटना को अंजाम दिया था. इस घटना की जांच के लिए बनाई तीन सदस्यीय एसआईटी की जांच रिपोर्ट में 80 से अधिक पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों को दोषी पाया गया है. जांच रिपोर्ट में 700 पन्ने मुख्य है.

जिनमें दोषी पाए गए अधिकारियों व कर्मियों की भूमिका के अलावा करीब 36 संस्तुतियां शामिल हैं. गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से बताया गया कि इस रिपोर्ट को 100 से अधिक गवाहों के आधार पर तैयार किया गया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here