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हिमांचल प्रदेश के सोलन जिले के सुबाथू गांव का जवाब सियाचिन ग्लशियर में शहीद हो गया है. वो 3 दिसंबर को खराब मौसम में अपनी पोस्ट कि निगरानी करते हुए अचानक ही बिलजंग गुरुंग बर्फ की खाई में जा गिरे थे. साथियों के द्वारा इस दौरान किए गए अथ्क प्रयासों के बाद बिलजंग गुरुंग को बर्फ से निकाला जा सका, हालांकि तब तो वो भारत मां की गोदमें समा चुके थे.

बिलजंग गुरुंग की पत्नी ने वीडियो काल के जरिए अपने पति के अंतिम दर्शन किए. शहीद की पत्नी इस दौरान 8 महीने की गर्भवती है. वह इस दौरान परिजनों के साथ नेपाल में है. मंगलवार को जब शहीद पति के अंतिम संस्कार की रस्में चल रही थी इस दौरान पत्नी ने वीडियो काल कर अंतिम संस्कार को देखा.

गौरतलब है कि शहीद बिलजंग गुरुंग दो महीने पहले ही छुट्टी लेकर नेपाल गए थे और परिजनों से मिले थे. वे छुट्टी के बाद एक बार फिर अपनी ड्यूटी के लिए लौट गए थे. शहीद के भाई तुलसी गुरुंग ने बताया कि बिलजंग स्कूल के समय से ही बहादुर था. उनकी शहादत पर सीएम जयराम ठाकुर ने भी शोक जताया है.

उन्होंने कहा कि सोलन के सुबाथू से संबंध रखने वाला गोरखा राइफल में तैनात बिलजंग गुरुंग के सियाचिन में मातृभूमि की सुरक्षा करते हुए शहीद होने पर शोक प्रकट किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व शोकग्रस्त परिवार को संबल प्रदान करे.

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