IMAGE CREDIT-SOCIAL MEDIA
IPS नवनीत शिकेरा जो कि अपने फेसपुक पेज और ट्विटर के माध्यम से विभिन्न मुद्दों और बातों को शेयर किया करते हैं. इसी क्रम में उन्होंने एक बार फिर एक स्टोरी को टाइटल गाँव में जन्मी लड़की के सपने – होते ही कितने हैं को लोगों के साथ साझा किया है जो लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है. लोग खूब कमेंट और लाइक कर रहे हैं.
पर कभी कभी कोई लड़की ठान लेती है और फिर बुलंदिया भी सर झुकाती हैं उसके सामने
ऐसी ही कहानी है रोहिणी की, बचपन में अपने किसान पिता को छोटी छोटी बात पर सरकारी कर्मचारियों से हाथ जोड़े देखा , उनका संघर्ष देखा तो किसी से पूछा कि इन भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों को कौन ठीक कर सकता है , कौन ठीक से गरीबो का हक़ दिला सकता है तो 7 वर्षीय रोहिणी को किसी ने बता दिया कि जिला कलेक्टर ही कर सकता है.
बस ठान ली, समय लगा संघर्ष लगा , आज समाज प्रणाम करता है तमिलनाडु के जिला सलेम की कलेक्टर रोहिणी विदारी को जो किसी का भी दुख अपना मान के जनता की सेवा करती हैं। कई बार जमीन पर बैठकर किसानों गरीबो के दुख कम करती है. पूर्ण सेवा भाव से परिपूर्ण रोहिणी को बहुत बहुत साधुवाद.. ये IPS नवनीत शिकेरा द्वारा लिखी गई स्टोरी है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here