दिल्ली के चारो ओर एक्सप्रेस वे पर ट्रैक्टर से किसानों ने रैली निकाली. कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि यह तो सिर्फ रिहर्सल था असली पिक्चर गणतंत्र दिवस पर दिखेगी. यह ट्रैक्टर मार्च चार अलग जगहों से शुरू हुआ. सभी किसान समूह शाम चार बजे शुरूआती पॉइंट पर लौट आए.

संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक इस मार्च में पांच हजार से ज्यादा ट्रैक्टर शामिल हुए थे. कई प्रदर्शनकारियों ने बस और निजी वाहनों के साथ रैली में हिस्सा लिया. हालांकि एक पांचवे ग्रुप रिवासन ने इसमें हिस्सा नहीं लिया.

भारतीय किसान यूनियन-टिकैत के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ये सिर्फ ट्रेलर था. पूरी पिक्चर गणतंत्र दिवस पर दिखाई जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार जितना चाहे किसानों की परीक्षा ले सकती है, लेकिन किसान बिना विवादित कानून को वापस करवाए घर नहीं जाएंगे.

वहीं शुक्रवार को सरकार और किसानों के बीच आठवें दौर की वार्ता हुई. लेकिन फ़िलहाल कोई समाधान नहीं निकला है. अब बताया जा रहा है कि अगली वार्ता 15 जनवरी को होगी. शुक्रवार को हुई बैठक में बातचीत अधिक नहीं हो सकी. अगली तारीख उच्चतम न्यायालय में इस मामले में 11 जनवरी को होने वाली सुनवाई को ध्यान में रखते हुए तय की गयी है.

सूत्रों के मुताबिक उच्चतम न्यायालय किसान आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों के अलावा तीनों कानूनों की वैधता पर भी विचार कर सकता है.

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