भारत में ऐसी कई मान्यताएं चली आ रही हैं कि अगर बिल्ली रास्ता काट दे तो लोग ठहर जाते हैं और इंतजार करते हैं जब तक कोई व्यक्ति आगे नहीं निकल जाता है तब तक आप आगे नहीं बढते हैं जब कोई दूसरा व्यक्ति आगे निकल जाता है तब आप आगे बढ़ते हैं. इससे अपशगुन समाप्त हो जाता है.

वहीं कुछ लोग के सामने से जब बिल्ली रास्ता काट जाती है तब वो थूक फेंस देते हैं और कुछ समय रुककर रास्ता पार करते हैं ऐसी मान्यताएं पीढ़ी दर पीढी परंपरागत तरीके से चली आ रही है.

आखिर इसके पीछे क्या मान्यता है, क्या वास्तव में बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होता है. और इन मान्यताओं के पीछे का कारण क्या है, क्या इस बारे में आपने कभी सोचा है. आज हम आपको स्टोरी के माध्यम से इसके पीछे का कारण बताने जा रहे हैं और आखिर ऐसी मान्यताएं क्यों हैं…

ज्योतिष शास्त्र में राहु को अशुभ ग्रह माना गया जो आपके जीवन में कई तरह की समस्याओं का कारक होता है और इसके अशुभ प्रभाव से जीवन में नकारात्मकता आती है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. वहीं बिल्ली को वैदिक ज्योतिष में राहु की सवारी बताया गया है.

राहु की सवारी होने की वजह से ही भारतीय जनमानस में बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ माना गया है. मान्यता है कि राहु जिस दुर्घटना का कारक है वही बिल्ली का रास्ता काटने से दुर्घटनाओं की आशंका में बढोत्तरी हो जाती है या फिर कुछ अनहोनी हो सकती है.

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